शेयर करें
Twitter

खेलपत्र नमस्कार। भारत की दिग्गज स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु ने विश्व टूर फाइनल्स का खिताब जीत लिया है। इसी के साथ उन्होंने उम्मीद जताई है कि अब कोई भी उनको बड़ा खिताब जीतने के लिए ताने नहीं मारेगा।

IND vs AUS: दूसरे टेस्ट में पहले बल्लेबाजी करते हुए कंगारूओं की अच्छी शुरूआत, स्कोर 114/1

इसी के साथ लगातार सात फाइनल मुकाबलों में हारने के बाद ओलिंपिक रजत पदक विजेता सिंधु ने जापान की नोजोमी ओकुहारा को 21-19, 21-17 से हराकर इस टूर्नामेंट का खिताब जीत लिया है।

विश्व टूर फाइनल्स का खिताब जीतने के बाद सिंधु ने काफी खुशी जाहिर की है। उन्होंने कहा है कि इस खुशी को बंया करने के लिए उनके पास शब्द नहीं हैं क्योकि फाइनल में खेलने और हारने के बाद इसकी उम्मीद की जाती है कि यहां सवाल दोबारा नहीं पूछा जाएगा कि आखिर क्यों मैं बार बार फाइनल मुकाबले में हार जाती हूं। उन्हें लगता है कि अब वह कह सकती हैं कि उन्होंने गोल्ड मेडल जीता है और उन्हें उस पर काफी गर्व है।

इस जीत पर सिंधु के मेंटॉर और भारत के मुख्य राष्ट्रीय कोच पुलेला गोपीचंद ने भी सिंधु की तारीफ करते हुए कहा है कि सिंधु के फाइनल में हारने को लेकर काफी बातें की जा रही थी। लेकिन आखिर में सिधु ने जीत हासिल करके ही दिखाया।

हॉकी विश्व कप में नीदरलैंड से हारा भारत, टूटा विश्व कप जीतने का सपना

सिंधु कहती है कि यहां जीत इस लिए भी उनके लिए खास है क्योंकि दो साल पहले मैं इस मुकाबले के सेमीफाइनल में हार गई थी और पिछले साल वह उपविजेता रही। जबकि इस बार वह इस मुकाबले की विजेता रही है।

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here