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नई दिल्ली। भारत का राष्ट्रीय खेल कहे जाने वाले हॉकी के खिलाड़ियों को उतनी शौहरत नहीं मिल पाती है जितना की भारतीय क्रिकेट जगत के खिलाड़ियों को दी जाती है। यहीं वजह है कि देश के लिए दोनों ही जगत के खेल अपनी अपनी जगह अगल अहमियत रखते है लेकिन हॉकी के खिलाड़ियों को नहीं पूछा जाता है। ठीक ऐसा ही मामला एक और आया है।

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देश को हॉकी में नए मुकाम तक पहुंचाने वाले पूर्व दिग्गज हॉकी कप्तान मोहम्मद शाहिद का परिवार सरकार से आर्थिक मदद ना मिलने के कारण रोड़ पर आने को है। सरकार के इस रवैये के कारण मोहम्मद शाहिद की पत्नी मोहम्मद शाहिद के पद्मश्री समेत कई अन्य अवॉर्ड लौटाने की तैयारी कर रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसा उन्हें सरकार की अनदेखी की वजह से मजबूरन करना पड़ रहा है। आपको बता दें कि मोहम्मद शाहिद को पद्मश्री के साथ-साथ अर्जुन पुरुस्कार से भी नवाजा गया था।

साल 2016 में मोहम्द शाहिद का लंबी बीमारी के कारण निधन हो गया था। जब उनका निधन हुआ था तब उनके परिवार को सहारा देने के लिए बहुत से लोग आए थे। इनमें केंद्र सरकार और तत्कालीन समाजवादी पार्टी की प्रदेश सरकार के कई मंत्री जुढ़े थे। दो साल बाद उनके परिवार को कोई भी देखने वाला नहीं रहा है ऐसे में घर पर रोजी रोटी की संकट आन पड़ा है। आपको बता दें कि इस समय उनका घर विधवा पेंशन के सहारें चल रहा है।

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शाहिद की पत्नी का कहना है कि वे 20 जुलाई यानी मोहम्मद शाहिद की पुण्यतिथि के दिन उनको जिनते भी अवॉर्ड सरकार की तरफ से मिले है वे उन सारे अवॉर्ड को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को वापस कर देने की बात कही है।

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