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नई दिल्ली: क्रिकेट ने दुनिया के तमाम खेलों में से अपनी एक अलग पहचान बनाई है। क्रिकेट के ही द्वारा कई दिग्गज खिलाड़ि्यों ने अपने गेम से दुनिया में अपनी पहचान बनाई है। क्रिकेट में वैसे तो कई तरह की सीरिज और ट्रॉफी मैच खेले जाते है। लेकिन क्रिकेट में सबसे अहम कप होता है वर्ल्ड कप। वर्ल्ड कप में अपनी टीम से बेहतर खेलना हर खिलाड़ी का सपना होता है।

क्रिकेट वर्ल्ड कप आज के दौर का सबसे बड़ा कप बन चुका है ऐसा हम इसलिए कह रहे है क्योंकि इस कप में भाग लेने वाले तमाम खिलाड़ी चाहे वे बल्लेबाज हो या फिर गेंदबाज, हर खिलाड़ी वर्ल्ड कप में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करता है। आज हम आपको ऐसे ही दिग्गज खिलाड़ियों के बारे में बताने जा रहे है जिन्होंने वर्ल्ड कप में आतिशी पारी खेल कर अपनी टीम को विजयी बनाया है।

कपिल देव, इंडिया, 1983

भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज कप्तान, गेंदबाज, बल्लेबाज यानी क्रिकेट जिनके खून में बसा हो वो है कपिल देव। कपिल देव ने 1983 में अपने बेहतरीन प्रदर्शन के चलते भारत को पहला वर्ल्ड कप जिताया था। कपिल देव इंडियन टीम के उस समय के सबसे चहेते खिलाड़ियों में से एक थे। पूरे वर्ल्ड कप में कपिल देव का स्कोर सबको हैरान करने वाला था। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में अपना बेहतरीन प्रदर्शन कर 12 विकेट लिए और 303 रन ठोके। अगर देखा जाए तो भारत को कप दिलाने के लिए कपिल देव की अहम भूमिका थी।

मार्टिन क्रो न्यूजीलैंड 1992

1992 के वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरने वाले खिलाड़ियों में से एक मार्टिन क्रो थे इन्होंने अपना पहला टेस्ट मैच श्रीलंका के खिलाफ खेला था इस मैच में मार्टिन ने 299 रन बनाए थे। इस शानदार पारी खेलने के बाद वे रो पड़े थे। जिसके बाद उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बेहतरीन खेल का प्रदर्शन करते हुए न्यूजीलैंड को मैच जीताया था। वहीं सेमी फाइनल मुकाबले में पाकिस्तान के खिलाफ क्रो ने 83 गेंद पर 91 रन बनाए। बाद में क्रो को मैन ऑफ द सीरीज से भी नवाजा गया। क्रो ने 9 मैच में 456 रन बनाए और उनकी बेस्ट कप्तानी को लोग आज भी याद करते है।

लॉनस क्लासेन, साउथ अफ्रीका 1999

 

1999 वर्ल्ड कप का सेमीफाइनल मैच साउथ अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेला जा रहा था। इस मैच में अहम भूमिका निभाने वाले बल्लेबाज लॉनस क्लासेन थे। जिन्होंने आतिशी पारी खेलने के बाद मैच को जीत लिया। लेकिन लॉनस की टीम फाइनल मैच में हार गई। लॉनस ने 9 मैचों में 281 रन बनाए। इसके साथ ही इस पूरी सीरीज में उन्होंने अपनी टीम के लिए 17 विकेट भी लिए। लॉनस एक मात्र ऐसे खिलाड़ी थे जिन्होंने मैच हारने के बाद भी लोगों का दिल जीत लिया था। सीरीज के अतं में उनको मैन ऑफ द सीरीज भी दी गई।

सचिन तेंदुलकर, इंडिया, 2003

 

सचिन तेंदुलकर को क्रिकेट का भगवान भी कहा जाता है। ये उपाधि उनको बेहतरीन खेल की बदौलत दी गई है। ये मैच भारत और पाकिस्तान के बीच खेला जा रहा था। ये वो दौर था जिस समय पाक के गेंदबाज दुनिया के सबसे बेहतरीन गेंदबाजों में से एक थे। उस समय पाक की टीम में अकरम, अख्तर वाकार यूनिस जैसे दिग्गज गेंदबाज थे। पहले खेलते हुए पाक ने भारत को 50 ओवर में 273 रन का लक्ष्य दिया था। जिसका पीछा करते भारत के ओपनिंग ऑर्डर बुरी तरह फैल रहा। इसके बाद भारत की कमान सचिन के हाथ में आई। सचिन ने इस मैच में बेहतरीन पारी खेल पाक को 6 विकेट से हरा दिया। सचिन ने इस मैच में 75 बॉल पर 98 रन ठोके थे।

युवराज सिंह, इंडिया, 2011

भारत के विस्फोटक बल्लेबाजों में से एक युवराज सिंह भी है। युवराज सिंह ने 2011 के वर्ल्ड कप में इंडिया को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। युवराज ने वर्ल्ड कप में पहले वेस्टइंडीज के खिलाफ भारत की नाईया को पार लगाया। वहीं पाकिस्तान के खिलाफ वो कुछ खास प्रदर्शन नहीं कर पाए। जिसके बाद सेमीफाइनल मुकाबले में उन्होंने ऑस्टेलिया के खिलाफ भारत को जीत दिलाई। वहीं फाइनल मुकाबले में धौनी के साथ दूसरे छोर पर पारी को सभालंते हुए भारत को वर्ल्ड कप दिलाया।

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