शेयर करें
Twitter

खेलपत्र नमस्कार। हॉकी विश्व कप में तीन बार की चैम्पियन नीदरलैंड को बेल्जियम टीम ने रोमांचक सडन डेथ शूटआउट में 3-2 से हराकर पहली बार हॉकी का विश्व खिताब अपने नाम कर लिया है। दुनिया की तीसरे नंबर की बेल्जियम टीम ने कलिंगा स्टेडियम पर अपना संयम बरकरार रखते हुए अपने से अधिक अनुभवी टीम को हराया है।

ऑस्ट्रेलिया ने भारत के सामने रखा 287 रनों का लक्ष्य, शमी ने झटके 6 विकेट

जबकि सेमीफाइनल में दो बार की चैम्पियन ऑस्ट्रेलिया को शूटआउट में हराने वाली डच टीम और उसके गोलकीपर ब्लाक पिरमिन अपना बेहतरीन प्रदर्शन नहीं दोहरा सकी। वहीं शूटआउट में बेल्जियम के लिए वान ओबेल फ्लोरेंट और वेगनेज विक्टर ने गोल दागे, जबकि वान डोरेन आर्थर, डेनायेर फेलिक्स और डे स्लूवेर आर्थर के निशाने चूक गए। जबकि नीदरलैंड के लिए जेरोन हट्रबर्गर और डे जियुस जोनस ही गोल कर सके। मिरको प्रूजर, वान एस सीव और वान डैम थिस के शाट बेल्जियम के गोलकीपर वानाश विंसेट ने बचा लिया।

सडन डेथ शूटआउट में बेल्जियम के वान ओबेल ने अपनी टीम के लिए गोल किया है। जिसके बाद नीदरलैंड के हटर्सबर्गर गोल नहीं कर पाए। दर्शक दीर्घा में चैम्पियन क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर की मौजूदगी में खेले गए इस फाइनल मुकाबले मे्ं दोनों ही देशों की टीमों में से कोई गोल करने में कामयाब नहीं रह सकें।

पीवी सिंधु ने जीता वर्ल्ड टूर फाइनल्स का खिताब, कहा शायद अब मुझसे कोई हार के बारे में नहीं पूछेगा

बात करें बेल्जियम की टीम की तो यहां तक बेल्जियम पहली बार पहुंची है। इससे पहले पिछले विश्व कप में वह पांचवें स्थान पर रही थी। जबकि साल 2002 के विश्व कप में 14वें, 1978 में भी 14वे 1994 में 11वें और 1973 में आठवें पायदान पर रही थी।

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here